सोचो - समझो फिर बोलो। सभी की समझ का आदर करो। सोचो - समझो फिर बोलो। सभी की समझ का आदर करो।
हिकारत भरी नज़रों से देखने वाले तमाम लोगों की नज़रों में अब वो दोनों हीरो बन चुके थे। हिकारत भरी नज़रों से देखने वाले तमाम लोगों की नज़रों में अब वो दोनों हीरो बन चुके ...
उसकी बस एक ही कमी थी अपनी मातृभाषा हिंदी को अन्य विषयों से कमतर आंकना उसकी बस एक ही कमी थी अपनी मातृभाषा हिंदी को अन्य विषयों से कमतर आंकना
बाद में तो स्थिति ऐसी हो गई कि लोग भूल गए कि जूही चावला भी कभी एक अभिनेत्री हुआ करती थी बाद में तो स्थिति ऐसी हो गई कि लोग भूल गए कि जूही चावला भी कभी एक अभिनेत्री हुआ ...
जब था तो प्रकाश की कहानी से भी इसे कहीं न कहीं, कैसे न कैसे जुड़ना ही था। जब था तो प्रकाश की कहानी से भी इसे कहीं न कहीं, कैसे न कैसे जुड़ना ही था।